झुंझुनूं में भ्रूण लिंग जांच का काला कारोबार, पांचवीं बार पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर रविसिंह, कोख में ही मार चुका 10,000+ बेटियां

झुुंझुुंनूं जिले के शिमला गांव में भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया मुख्य आरोपी रविसिंह पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत घोषित प्रदेश का दूसरा हिस्ट्रीशीटर है। वह पांचवीं बार भ्रूण परीक्षण के अपराध में पकड़ा गया है। उस पर भ्रूण लिंग जांचकर अब तक करीब दस हजार से अधिक बेटियों का कोख में ही कत्ल करवाने का आरोप है। बावजूद इसके उसने अपराध की राह नहीं छोड़ी और फिर से इस काले धंधे में सक्रिय हो गया।
गौरतलब है कि हरियाणा पीसीपीएनडीटी सेल ने बुधवार को शिमला गांव में छापामारी कर मुख्य आरोपी रविसिंह के साथ अचीणा (चरखी दादरी) निवासी उमेश और रामनगर (कठुमर) निवासी भरत को धरदबोचा, जबकि एक आरोपी अमित कुमार अभी फरार है।
डिकॉय ऑपरेशन में हुआ खुलासा: बताया ‘लड़की’ है
ऑपरेशन को अंजाम देने वाले झुंझुनूं पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर आनंद कुमार ने बताया कि एक महिला को डिकॉय बनाकर भेजा गया था, जिसकी भ्रूण जांच कर आरोपी ने गर्भ में लड़की होना बताया। इसी दौरान पुलिस ने दबिश देकर गिरोह को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट, कैमरा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की गईं हैं।
50 हजार में डील, 26 हजार ही बरामद
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि भ्रूण जांच के लिए 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें दलालों को अग्रिम राशि दे दी गई थी। फिलहाल पुलिस 26 हजार रुपए ही बरामद कर पाई है, बाकी रकम और जांच में उपयोग की गई पोर्टेबल मशीन की तलाश जारी है।
